ट्रांसफर पर सख्त रोक, बिना अनुमति नहीं होगा तबादला
भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
छत्तीसगढ़ में अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला (Transfer Ban) बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति के नहीं होगा।
आयोग के निर्देश 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि (Eligibility Date) को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची (Voter List Update) का कार्य बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संपन्न हो।
7 फरवरी तक चलेगा पुनरीक्षण कार्य
मुख्य सचिव को भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली से भेजे गए पत्र के अनुसार, यह पुनरीक्षण कार्यक्रम 28 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ होकर 7 फरवरी 2026 तक चलेगा। अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
इस दौरान आयोग से संबद्ध अधिकारी और कर्मचारी पूर्णतः आयोग के नियंत्रण में रहेंगे। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत ये सभी कर्मचारी निर्वाचन आयोग (Election Commission Control) के अधीन होंगे।
किन अधिकारियों के ट्रांसफर पर लगी रोक
आयोग ने स्पष्ट किया है कि निम्न अधिकारी और कर्मचारियों का तबादला बिना उसकी अनुमति के नहीं किया जा सकेगा:
- संभागायुक्त (Roll Observer)
- कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO)
- उप जिला निर्वाचन अधिकारी (Dy. DEO)
- निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)
- सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO)
- बूथ लेवल अधिकारी पर्यवेक्षक (BLO Supervisor)
- बूथ लेवल अधिकारी (BLO)
इन सभी पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को वर्तमान स्थान पर ही तैनात रहना होगा, ताकि पुनरीक्षण कार्य (Revision Work) की निरंतरता बनी रहे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जारी किए निर्देश
छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (Chief Electoral Officer) यशवंत कुमार ने मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से सभी विभागों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि इस अवधि में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला न किया जाए।
उन्होंने कहा कि “मतदाता सूची की सटीकता लोकतंत्र की नींव है। ऐसे में इस कार्य में लगे कर्मचारियों की स्थिरता जरूरी है।”
राज्यभर में अद्यतन की प्रक्रिया तेज
इस विशेष गहन पुनरीक्षण (Voter List Revision) का उद्देश्य राज्य की मतदाता सूचियों को अद्यतन करना, नए पात्र मतदाताओं को शामिल करना और त्रुटियों को सुधारना है। 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष पूरा करने वाले नागरिक अपने नाम सूची में दर्ज करा सकेंगे।
यह प्रक्रिया पारदर्शिता बढ़ाने और आगामी चुनावों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

