अब सरकारी कर्मचारी यातायात नियमों की अनदेखी नहीं कर पाएंगे। जांजगीर-चांपा जिले में कलेक्टर ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि अगर कोई शासकीय कर्मचारी बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम जिले में सड़क सुरक्षा (road safety) को लेकर बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
कलेक्टर ने जारी किया सख्त आदेश
जांजगीर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में यह आदेश जारी किया कि 1 नवंबर से सभी शासकीय कर्मचारी (government employees) बाइक चलाते समय हेलमेट (helmet) और कार चलाते समय सीट बेल्ट (seat belt) का उपयोग करें।
कलेक्टर ने साफ कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई (strict action) की जाएगी।
🚦 नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय
कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों (government guidelines) का पालन हर कर्मचारी को करना होगा। हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने वालों की रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी और अनुशासनात्मक कार्रवाई (disciplinary action) सुनिश्चित की जाएगी।
स्वच्छता और यातायात पर जोर
कलेक्टर महोबे ने आवारा मवेशियों (stray cattle) की समस्या के स्थाई समाधान और स्वच्छता अभियान (Cleanliness Drive) को सफल बनाने के लिए विभागों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर से 19 नवंबर तक चलने वाले स्वच्छता अभियान में जनसहभागिता (public participation) बढ़ाई जाए, ताकि हर वार्ड और ग्राम स्तर पर सफाई व्यवस्था में सुधार हो सके।
राज्योत्सव और “एकता मार्च” की तैयारियां तेज
बैठक में कलेक्टर ने 2 से 4 नवंबर तक आयोजित होने वाले राज्योत्सव (Chhattisgarh Rajyotsav 2025) की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस बार राज्योत्सव में सभी विभागों के जनकल्याणकारी स्टॉल जनता के आकर्षण का केंद्र होंगे। नागरिकों को योजनाओं की जानकारी और लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित “एकता मार्च” (Ekta March) को लेकर भी कलेक्टर ने विद्यालयों और कॉलेजों में वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिता और स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रमों की जानकारी दी।

