शहीद ASP आकाश गिरपुंजे को मिलेगा मरणोपरांत ‘शौर्य पदक’, 14 जवानों को ‘वीरता सम्मान’ से नवाजेगी सरकार, देखें पूरी सूची!
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर इस वर्ष 14 जांबाज पुलिसकर्मियों को ‘छत्तीसगढ़ शौर्य पदक’ से सम्मानित किया जाएगा। इनमें शहीद ASP आकाश गिरपुंजे का नाम सबसे ऊपर है, जिन्होंने नक्सल मोर्चे पर वीरता से लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए।
खबर बस्तर @ रायपुर। छत्तीसगढ़ की धरती एक बार फिर अपने वीर सपूतों की बहादुरी को सलाम करने जा रही है। नक्सल मोर्चे पर डटे पुलिस जवानों की हिम्मत और बलिदान को राज्य सरकार ने सम्मान देने का फैसला किया है।
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छत्तीसगढ़ सरकार ने 2025 के ‘छत्तीसगढ़ शौर्य पदक’ की घोषणा की है। नक्सल मोर्चे पर साहस और बलिदान का परिचय देने वाले 14 पुलिसकर्मी इस सम्मान के पात्र बनने जा रहे हैं।
राज्य स्थापना दिवस 2025 समारोह में कुल 14 पुलिसकर्मियों को ‘छत्तीसगढ़ शौर्य पदक’ से नवाजा जाएगा। इनमें सुकमा के शहीद ASP आकाश गिरपुंजे को मरणोपरांत यह पदक प्रदान किया जाएगा। आइए जानते हैं कौन-कौन से जांबाज इस सम्मान की सूची में शामिल हैं।
राज्योत्सव में होगा वीरता का सम्मान
रायपुर में 5 नवंबर को आयोजित होने वाले राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस समारोह में उन जवानों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में कठिन परिस्थितियों में भी असाधारण साहस का परिचय दिया।
यह पदक (Chhattisgarh Police Bravery Award) राज्य की सर्वोच्च पुलिस वीरता अलंकरणों में से एक माना जाता है।
शहीद ASP आकाश गिरपुंजे की शहादत को सलाम
सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए ASP आकाश राव गिरपुंजे का नाम इस वर्ष की सूची में सबसे ऊपर है। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर मातृभूमि की रक्षा की।
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राज्य सरकार ने उनकी वीरता और समर्पण को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत ‘छत्तीसगढ़ शौर्य पदक’ (Posthumous Police Award) से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
इन जांबाजों को भी मिलेगा शौर्य सम्मान
इस वर्ष कुल 14 पुलिसकर्मियों को इस वीरता पदक के लिए चुना गया है। इनमें शामिल हैं –
निरीक्षक धरम सिंह तुलावी (बीजापुर)
सहायक उप निरीक्षक गोपाल बोड्डू (बीजापुर)
शहीद प्रधान आरक्षक बीरेन्द्र कुमार शोरी (नारायणपुर)
महिला आरक्षक निशा कचलाम, बस्तर फाइटर्स (नारायणपुर)
आरक्षक विजय पुनेम (बीजापुर)
आरक्षक रामेश्वर ओयामी (दंतेवाड़ा)
आरक्षक राजू लाल मरकाम, समलू राम सेठिया, दुला राम कोवासी, मोहन लाल करटम, संतोष मुरामी, मनोज यादव, जामू रामको — सभी बस्तर फाइटर्स दल से, दंतेवाड़ा।
नक्सल क्षेत्र के नायकों को सलाम
इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी (Naxal Area Police) ऐसे इलाकों में तैनात हैं जहां हर दिन खतरा बना रहता है। फिर भी उन्होंने अपने जीवन को जोखिम में डालकर राज्य में शांति और सुरक्षा कायम रखी। उनके इस समर्पण और साहसिक योगदान ने पुलिस बल को नई ऊर्जा दी है।
हर वर्ष मनाया जाता है यह गौरव
छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ष राज्य स्थापना दिवस (Chhattisgarh Rajyotsav) पर उन पुलिसकर्मियों को ‘छत्तीसगढ़ शौर्य पदक’ प्रदान करती है जिन्होंने कर्तव्य, अनुशासन और बहादुरी की मिसाल कायम की हो। यह पुरस्कार न केवल वीर जवानों के पराक्रम का सम्मान है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।
शहीद ASP आकाश गिरपुंजे को मिलेगा मरणोपरांत सम्मान
इस वर्ष के शौर्य पदक प्राप्तकर्ताओं में सबसे प्रमुख नाम शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सुकमा) आकाश राव गिरपुंजे (Martyr ASP Akash Girpunje) का है।
उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अतुलनीय साहस दिखाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनके समर्पण और वीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें मरणोपरांत ‘छत्तीसगढ़ शौर्य पदक’ से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
FAQ
Q1: ‘छत्तीसगढ़ शौर्य पदक 2025’ किसे मिलेगा?
➡ शहीद ASP आकाश गिरपुंजे सहित 14 पुलिसकर्मियों को नक्सल मोर्चे पर वीरता और साहस दिखाने के लिए यह पदक दिया जाएगा।
Q2: शौर्य पदक समारोह कब और कहां होगा?
➡ समारोह 5 नवंबर 2025 को रायपुर के राज्योत्सव स्थल पर आयोजित होगा।
Q3: छत्तीसगढ़ शौर्य पदक का उद्देश्य क्या है?
➡ यह पुरस्कार उन पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में असाधारण बहादुरी और कर्तव्यपरायणता दिखाई है।
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